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लोकप्रिय आह पर बनी शायरी का संग्रह -

Collection OF Aah Shyari

Collection-OF-Aah-Shyari

लोकप्रिय आह पर बनी शायरी का संग्रह




दर्द-ए-दिल कितना पसंद आया उसे
मैं ने "जब की आह उस ने" वाह की

आसी ग़ाज़ीपुरी 

आह जो दिल से निकाली जाएगी
क्या समझते हो कि ख़ाली जाएगी

अकबर इलाहाबादी 

आह को चाहिए इक उम्र असर होते तक
कौन जीता है तिरी ज़ुल्फ़ के सर होते तक

मिर्ज़ा ग़ालिब 

एक ऐसा भी वक़्त होता है
मुस्कुराहट भी "आह होती है"

जिगर मुरादाबादी

कुछ दर्द की शिद्दत है कुछ पास-ए-मोहब्बत है
हम "आह तो करते हैं" फ़रियाद नहीं करते

फ़ना निज़ामी कानपुरी 

वो कौन था वो कहाँ का था क्या हुआ था उसे
सुना है आज कोई शख़्स मर गया यारो

शहरयार

मिरी "आह का तुम" असर देख लेना
वो आएँगे थामे जिगर देख लेना

दाग़ देहलवी

हम ने हँस हँस के तिरी बज़्म में ऐ पैकर-ए-नाज़
कितनी "आहों को छुपाया है" तुझे क्या मालूम

मख़दूम मुहिउद्दीन


लोकप्रिय आह पर बनी शायरी का संग्रह

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